एक अर्जी चाहता हु यादों से उसकी से खुद को रिहाई और दिल में उसके खुद को पनाह दु .. इश्क़ एक तरफा मिला हमे वरना अगर हम मिलते और बिछड़ते ओर हमें मिले गम टूटे दिल का तो कलम से दुनिया को शमशान बना दूं । ~Shivam ✍🏼📚
V¹ - अक्सर दिल के जज्बातों को पन्नो पे लिखता हूं - हर रोज़ तुझसे बात करने का नया तरीका सीखता हूं... V² - तू साथ नहीं है तो क्या मैं आज भी तुझसे बातें करता हूं पर एक फितरत है मेरी हकीकत की दुनिया से डरता हूं... V³ - ख्याली दुनिया में रहता हूं - और तुझसे ख्याली बातें कहता हूं... V⁴ - आसमान में अनगिनत है तारे एक तारे में तुझे मान लेता हूं... इश्क़ है जान- ए- जान तुमसे तभी उस तारे को पहचान लेता हूं... ~ Shivam ✍🏼📚
मेरे मुकद्दर में तू लिखी थी जहां तक शायद वह यही है पल.. तूने अपना मुकद्दर खुद बदला चुना किसी ओर को जिसे नहीं है इश्क़ पे लिखने की अकल .. तुमने लोगो को अक्सर देखा होगा रोते रातों को तन्हाई में ये शिवम् पढ़ता है मुर्शीद Jaun Elia को तभी शायरी लिखता है याद करके तेरी शक्ल.. जान- ए- जां आबाद रहेगा ये इश्क़ हमारा..मगर तू जश्न मना उसके साथ भला मैं क्यों दु तुम्हारी जिंदगी में दखल.. ~$hivam📚✍🏼
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