कलम ✍🏼
एक अर्जी चाहता हु यादों से उसकी से खुद को रिहाई और दिल में उसके खुद को पनाह दु .. इश्क़ एक तरफा मिला हमे वरना अगर हम मिलते और बिछड़ते ओर हमें मिले गम टूटे दिल का तो कलम से दुनिया को शमशान बना दूं ।
~Shivam ✍🏼📚
एक अर्जी चाहता हु यादों से उसकी से खुद को रिहाई और दिल में उसके खुद को पनाह दु .. इश्क़ एक तरफा मिला हमे वरना अगर हम मिलते और बिछड़ते ओर हमें मिले गम टूटे दिल का तो कलम से दुनिया को शमशान बना दूं ।
~Shivam ✍🏼📚
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